प्रादेशिक गान—रामचन्द्र महतो कुशवाहा

  • Wartman Kal Dainik
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  • २०७८ बैशाख ४, शनिबार (४ साल अघि)
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प्रादेशिक गान—रामचन्द्र महतो कुशवाहा


बैशाख ०४ गते

शान्त आ विशाल प्रदेश
आठ जिला मिलाके मधेश
स्वतन्त्र आ समतल भूमि
विविध संस्कृति आ धर्मके बीच

इँहाके राष्ट्र भाषा हए नेपाली
प्रदेशके पहिल भाषा मैथली
दोसर भाषा हए बज्जिका
तेसरमे परल भोजपुरी

एइय हए जगत् जननी
माता सीताके भव्य मन्दिर
राजा जनकके मन्दिर
नेपालके जनकपुर धाममे

हिमाल पर्वतसे निकलल
रौतहट, सर्लाहीके बीच बागमती
स्वच्छ आ पवित्र पानी
पाप कर्मसे छुटकरा देबबैय

प्राकृतिक सौन्दर्यसे भरल
अन्न आ फलफूलके खेती
तेलहन, दलहनके जगह
समतल विस्तृत भूभाग ।
मलङवा, सर्लाही

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